February 23, 2018

मुख्य सचिव-विधायक विवाद पर हमलावर हुई आम आदमी पार्टी

राष्ट्रीय प्रवक्ता आलोक अग्रवाल ने भाजपा नेताओं के अधिकारियों पर किए गए हमलों पर किए कई ट्वीट


भोपाल, 23 फरवरी। आम आदमी पार्टी के विधायकों और मुख्य सचिव के बीच हुए विवाद की आग थमती नहीं दिखाई दे रही है। दिलचस्प यह है कि अब आम आदमी पार्टी इस मामले में हमलावर नजर आ रही है। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और मध्य प्रदेश के संयोजक आलोक अग्रवाल ने सोशल मीडिया पर भाजपा के नेताओं के खिलाफ मोर्चा संभाल लिया है। श्री अग्रवाल ने शुक्रवार को एक के बाद एक पांच ट्वीट किए और भाजपा नेताओं के अधिकारियों पर हमले को सामने लाए।

पहले ट्वीट में उन्होंने लिखा, "शिवराज सिंह ने अधिकारियों को अभद्र धमकी दी थी कि यदि काम पूरा नहीं हुआ तो उल्टा टांग दूंगा।
यह तो सार्वजनिक बोला था निजी रूप से कैसे पेश आते हैं सबको पता है। किसी अधिकारी ने इसकी खिलाफत नहीं कि, क्या उल्टा टंगने का डर था?" गौरतलब है कि बीते 22 जुलाई 2017 को एक बैठक के दौरान मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कलेक्टरों को यह धमकी दी थी, जो उस वक्त अखबारों की सुर्खियां बनी थी।
https://twitter.com/iAlokAgarwal/status/966860307833544710

इसके बाद एक अन्य ट्वीट में उन्होंने सतना के भाजपा सांसद गणेश सिंह को निशाने पर लिया। उन्होंने लिखा, "मध्य प्रदेश के भाजपा सांसद गणेश सिंह ने मुंबई पुलिस अधिकारी को तमाचा मारा था, न सांसद महोदय पर कार्रवाई हुई और न ही किसी अधिकारी/एसोसिएशन ने आवाज उठाई। क्या भाजपा वालों को सारे खून माफ हैं?" इस घटना से जुड़ा वीडियो भी श्री अग्रवाल ने पोस्ट किया है।
https://twitter.com/iAlokAgarwal/status/966862229516759040

इतना ही नहीं मध्य प्रदेश के एक और कद्दावर मंत्री गोपाल भार्गव पर हमला करते हुए आलोक अग्रवाल ने लिखा, "शिवराज जी के कदमों पर उनके मंत्री गोपाल भार्गव ने कहा कि गांवों में बिजली नहीं आई तो अफसरों को उल्टा लटका दूंगा। कोई विरोध नहीं उठा न किसी अफसर से, न किसी अफसरों की एसोसिएशन से।"
https://twitter.com/iAlokAgarwal/status/966863824308658181

इसके बाद हाल ही में शिवराज सिंह चौहान के थप्पड़ कांड को भी उन्होंने सोशल मीडिया पर तल्ख टिप्पणी के साथ उठाया। श्री अग्रवाल ने लिखा, "देखिये इस वीडियो को- मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने खुलेआम एक सुरक्षा अधिकारी को थप्पड़ मारा। शिवराज जी को कुछ नहीं हुआ। आम आदमी पार्टी के विधायक सिर्फ कागजी शिकायत पर जेल भेज दिये जाते हैं।" इसी ट्वीट में उन्होंने शायराना अंदाज में लिखा, "हम आह भी करते हैं तो हो जाते हैं बदनाम! वो कत्ल भी करते हैं तो चर्चा नहीं होती!!"
https://twitter.com/iAlokAgarwal/status/966730336615981061

कुल मिलाकर देखा जाए तो अब आम आदमी पार्टी मुख्य सचिव की शिकायत पर विधायकों की गिरफ्तारी पर हमलावर हो गई है। इस मामले में निजी बातचीत में आलोक अग्रवाल ने बताया कि, "मैं बहुत पहले से कहता रहा हूं कि इस देश में दो कानून चलते हैं। एक आम जनता और अन्य पार्टियों के नेताओं के लिए है, और दूसरा कानून जो लिखित नहीं है, वह भाजपा से जुड़े लोगों पर लागू होता है।" उन्होंने कहा कि "आईएएस अधिकारियों पर हमले के बड़े उदाहरण इस देश ने पहले भी देखे हैं, लेकिन बिना जांच के कार्रवाई की कोई घटना पहले सामने नहीं आई।"

गौरतलब है कि पिछले दिनों दिल्ली में आम आदमी पार्टी के विधायकों के साथ एक बैठक के बाद मुख्य सचिव ने आरोप लगाया था कि उनके साथ विधायकों ने बदसलूकी की। हालांकि बाद में आम आदमी पार्टी के विधायकों ने कहा कि मुख्य सचिव ने उन पर जातिवादी टिप्पणी की और विधायकों के सवालों का जवाब देने से इनकार कर दिया। इस मामले में आप के दो विधायकों को आनन-फानन में गिरफ्तार किया गया था। हालांकि अदालत ने पुलिस कस्टडी की मांग ठुकराते हुए विधायकों को जमानत पर रिहा कर दिया है।
अब देखना यह है कि इस मामले में आगे क्या होता है। लेकिन आम आदमी पार्टी के तेवर देखकर लग रहा है कि वह बचाव के बजाय आक्रामक अंदाज में भाजपा नेताओं की पिछले रिकॉर्ड को सामने लाने में जुट गई है।

सोशल मीडिया पर भी फैले पुराने मामले

दिल्ली में मुख्य सचिव और आप के विधायकों के बीच विवाद के बाद सोशल मीडिया पर भी आईएएस पर हमलों के पुराने मामले सामने आने लगे हैं। इनमें कहा जा रहा है कि तब एसोसिएशन क्यों सक्रिय नहीं हुई।
ट्विटर पर एक यूजर ने लिखा, 2 महीने पहले भाजपा सांसद ने आईएएस को दी धमकी, कहा- जीना मुश्किल कर दूंगी, वीडियो न्यूज में भी आया कोई आईएएस नहीं बोला सांसद के खिलाफ। पर केजरीवाल के खिलाफ पूरा आईएएस एसोसिएशन वैसे साथ आ गया है जैसे डीएमए मैक्स हॉस्पिटल के लाइसेंस रद्द करने के विरोध में खड़ा हो गया था।
एक अन्य यूजर ने लिखा- मुझे याद है सीनियर आईएएस अधिकारी और उनकी बेटी की हरियाणा सरकार ने क्या गत की थी। आरोपी भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का बेटा था। आईएएस अधिकारी को प्रताडि़त करने के लिए उसका तबादला भी कर दिया। जो आईएएस असोसिएशन अपनी बेटियों के साथ खड़ी नहीं हुई उसे डूब मरना चाहिए।
एक फेसबुक कमेंट में लिखा गया- अशोक खेमका आईएएस अधिकारी का 51 बार तबादला किया गया। आईएएस असोसिएशन ईमानदारों के साथ क्यों नहीं खड़ी होती?
एक और फेसबुक पोस्ट में लिखा गया, अधिकारी बीके बंसल और पूरे परिवार ने आत्महत्या कर ली। खत में सीबीआई पर इल्जाम भी लगाए, आईएएस असोसिएशन को शर्म नहीं आई। आएगी भी नहीं, वरना 2जी और कोल स्कैम में धर लिए जाएंगे। 
वहीं मप्र के एक यूजर लिखा, एम्स का घोटाला खोलने वाले आईएएस अधिकारी संजीव चतुर्वेदी के लिए कब हड़ताल करेगी हमारी आईएएस असोसिएशन। 

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