October 6, 2012

ये इश्क नहीं आसां

एशियाई समाज अपनी विविधता के बावजूद जिस एक डोर से बंधा है, वह अदृश्य होते हुए भी गाहे-बगाहे उदाहरणों से सामने आती रहती है। दिलचस्प है कि हिना-बिलावल के अंतरंग रिश्तों की खबरें बांग्लादेश से चलीं और भारत में उन्हें सबसे ज्यादा हवा मिली, पाकिस्तान में सियासी तूफान खड़ा हुआ। यही नहीं, सोशल मीडिया पर भी यह देखते ही देखते छा गया। आखिर ऐसा इस कहानी में क्या था? जो तथ्यों की सादी पड़ताल किए बिना ही पूरे परिदृश्य पर छा गई। इश्क, राजनीति और सेलीब्रिटी के मेल से बनने वाली इस दास्तान के उदाहरण के सहारे परखते हैं हमारे समाज घटना और खबर की जुगलबंदी को सचिन श्रीवास्तव के साथ...

अभी कुछ समय पहले तक करीना कपूर और सैफ अली खान की शादी ट्वीटर से लेकर फेसबुक तक पर पसरी हुई थी। इसके अलावा भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की भ्रष्टाचार के दलदल में फंसी सरकार पर लोग चटखारे ले रहे थे। यूपीए-2 नामक सरकार जब इससे निकलने के लिए एफडीआई, डीजल कीमत में इजाफा और एलपीजी पर राशनिंग की टेक लगा रही थी। ठीक इसी वक्त में पाकिस्तान की खूबसूरत और अपनी स्टाइल के लिए खासी मशहूरी पा चुकी कबीना मंत्री हिना रब्बानी खान और पड़ोसी मुल्क के सबसे बड़े राजनीतिक परिवार के चश्मोचिराग की मुहब्बत की दास्तान सुर्खियां बनने लगी। ऐसा भी नहीं कि इसे सिर्फ मुख्यधारा के मीडिया ने ही हवा दी हो। बांग्लादेश के टैबुलाइड ‘ब्लिज वीकली’ से होते हुए जब पूरी दुनिया में यह खबर फैली तो अखबारों में दो दिन बाद ही मामला आखिरी पन्नों तक सिमट गया, लेकिन ट्वीटर और फेसबुक पर इसके चर्चे होते रहे। जिस दिन से हिना-बिलावल की खबर आई, उसके बाद से वे टॉप ट्रैंड में शामिल हैं, और करीब 80 लाख ट्वीट रोजाना इन दोनों से संबंधित हो रहे हैं। यही हाल फेसबुक का है, जिस पर हिना-बिलावल के इश्क से संबंधित पेजों की भरमार है।

अब तक क्या क्या हुआ

खबर आई कि हिना-बिलावल के बीच प्रेम प्रसंग है। यहां तक कि हिना, इसके लिए जरदारी और अपने पति फिरोज से लोहा लेने पर आमादा हैं। फिरोज ने हिना को न्यूयॉर्क फोन किया, जो वहां राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के साथ संयुक्त राष्ट्र की महासभा में भाग ले रही थीं। हिना ने खबर का लिंक भेजने को कहा। फिरोज ने लिंक भेजा, और आधे घंटे बाद फिर फोन किया। हिना आग बबूला हो गई, उन्होंने कहा, ‘तुम्हें यह बकवास खबरें कहां से मिल रही हैं?’ फोन काट दिया गया। फिरोज ने फिर फोन किया, जो हिना ने नहीं उठाया। फिरोज ने एजेंसी से हिना की कॉल डिटेल मांगीं। पाकिस्तानी राष्ट्रपति जरदारी ने हिना के फोन डिटेल उजागर न करने की हिदायत दी। फिरोज को शक है कि हिना रात-रात तक बिलावल से चैट करती हैं, हिना ने कहा था कि वह नॉलेज बढ़ाने के लिए बिलावल से चैट करती है। मामला अभी थमा नहीं है, और नित नई खबरें आ रही हैं, लेकिन इनमें कितना तथ्य है, और कितना मिर्च-मसाला यह किसी को नहीं पता। बताते चलें कि बिलावल की उम्र अभी 23 साल है, और दो बच्चों की मां हिना ने हाल ही में 35वां जन्मदिन मनाया है।

क्यों रहती है इतनी जिज्ञासा

हिना-बिलावल की कहानी आखिर क्यों जरूरी मसलों पर भारी पड़ती है, इसके लिए एशियाई मानस की उस शैली को जिम्मेदार ठहराया जाता है, जो चर्चित हस्तियों में दिलचस्पी रखती है। चाहे वह रवि शास्त्री और अमृता सिंह की इश्क की दास्तान हो या फिर हाल ही में सैफ-करीना के किस्से। खबरों के बीच निजी जिंदगियों में झांकने की सबसे बड़ी कीमत इंग्लैंड के लेडी डायना ने चुकाई, जिन्हें फोटोग्राफर से पीछा छुड़ाने की कवायद में जान से हाथ धोना पड़ा। हाल ही में प्रिंस विलियम और उनकी पत्नी केट मिडलटन के बारे में भी खबरों का रेला बहता रहा। इसी बीच केट की छोटी बहन पीपा और प्रिंस हैरी के इश्क के चर्चे भी सुर्खियों में रहे। इन खबरों में सच्चाई कितनी रही यह सबके सामने है, लेकिन सलमान-शाहिद से लेकर राहुल गांधी तक के लव अफेयर के बारे में सोशल नेटवर्किंग साइट पर होने वाली बहस साफ कहती है कि इन चटखारों में लोगों की दिलचस्पी रहती है।

पहले भी रहे हैं चर्चित जोड़े

ऐसा नहीं है कि राजनीतिक जमीन पर पनपने वाले इश्क का यह पहला मामला है। पूरी दुनिया में इसके पहले भी ऐसे किस्सों का अंतहीन सिलसिला रहा है। आगे भी इसके कम होने के आसार नहीं हैं। मोनिका लिवेन्सकी और अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन के अफेयर ने लंबे समय तक अमेरिकी जनता को उद्वेलित रखा। पता चला है कि हाल ही में लिवेन्सकी ने क्लिंटन से अपने रिश्तों को लेकर एक किताब लिखने का मन बनाया है। राजनीतिक गलियारों में इश्क की दास्तान का एक उदाहरण अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जॉन एफ कैनेडी और मार्लिन मुनरो का भी है। कहते हैं कि मार्लिन की संदिग्ध हत्या के पीछे भी यही इश्क वजह बना, क्योंकि कैनेडी के छोटे भाई और तब के ताकतवर राजनीतिक रॉबर्ट कैनेडी को यह रिश्ता मंजूर नहीं था।

कई राजनीतिक कॅरियर हो गए खत्म

बिलावल और हिना के रिश्ते में सबसे बड़ी बाधा न तो जरदारी हैं, और न ही दोनों की उम्र। दोनों की बीच सबसे बड़ी दीवार राजनीति है। हिना भी अपनी राजनीतिक कद से मिले रसूख और हैसियत को छोड़ पाएंगी यह कहना जल्दबाजी होगी। वहीं बिलावल के लिए जरदारी रास्ता तैयार कर रहे हैं। उन्होंने पाकिस्तान की संसद में बिलावल की हैसियत सबसे बड़ी करने के लिए जो कालीन बिछाया है, उस पर हिना से मुहब्बत का दाग लगते देखना कतई मंजूर नहीं होगा। बिलावल और हिना अपने रिश्ते को इसी वजह से छुपा भी रहे हैं। क्योंकि पर्दे के पीछे तो इस तरह के रिश्ते ठीक हैं, लेकिन जनता के सामने आने पर उनकी कीमत चुकाने का जोखिम अब तक बहुत कम राजनीतिकों ने उठाया है। फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति निकोलस सरकोजी और टॉप मॉडल रह चुकी कार्ला ब्रूनी जैसा जीवट कम ही राजनेताओं ने दिखाया है। राजनीति और इश्क का मेल कई कॅरियर बर्बाद कर चुका है। पूरी दुनिया में इसकी मिसालें हैं। खासकर एशियाई समाज में तो राजनेता के प्रेम प्रसंगों से वोट बैंक हद से ज्यादा प्रभावित होता है।
पश्चिम के खुले समाज में भी यह कॅरियर को खत्म करने वाला साबित होता है। 1994 में अमेरिका के डेमोक्रेटिक हाउस के सदस्य और उभरते राजनेता मेल रेनाल्ड का एक 16 वर्षीय युवती से इश्क सामने आया और फिर कभी वे हाउस की सीढ़िया नहीं चढ़ सके। इसी तरह टैक्सास के राजनेता जॉन यंग भी अपने पॉलिटिकल कॅरियर के खत्म होने के बाद 2002 में गुमनाम मौत मरे। बर्लुस्कूनी का मामला भी इसी कड़ी को आगे बढ़ता है।

और अंत में

बहरहाल, पाकिस्तान के राष्ट्रपति भवन में शीतयुद्ध जारी है। हिना के ईद के तोहफे पीपीपी छोड़ने की धमकियां भी हवाओं में हैं। उधर, जरदारी ने साफ कहा है कि वे अपने नादान बेटे का अफेयर कतई मंजूर नहीं करेंगे। अब देखना यह है कि हिना-बिलावल इस कहानी को किस अंजाम तक ले जाते हैं। या फिर राजनीतिक गलियों में खिलने वाले लाखों इश्क की तरह दिल पर दिमाग भारी पड़ेगा। जो भी हो लाखों दास्तानों में एक का इजाफा तो हो ही गया है।

आगे आगे देखिए होता है क्या?

हिना और बिलावल की ओर से इस मुद्दे पर अब चुप्पी ओढ़ ली गई है। उन्होंने पहले तो रिश्ते की खबरों को ही नकारा, बाद में पूरा दोष मीडिया पर मढ़ते हुए किनारा कर लिया। कयास है कि आने वाले समय में हिना, फिरोज से तलाक ले लेंगी और बिलावल से रिश्ते को कायम रखेंगी। लेकिन इसमें सबसे बड़ी अड़चन हिना का राजनीतिक कद और जरदारी की महत्वाकांक्षाएं हैं। जरदारी बिलावल को आने वाले वक्त में बतौर प्रधानमंत्री देख रहे हैं। संभव है कि वे किसी भी तरह से बिलावल के कदम रोक दें, और इस कहानी का अंत यहीं हो जाए। या फिर पाकिस्तानी राजनीति से आजिज आकर हिना और बिलावल किसी दूसरे मुल्क की रहा पकड़ लें। सवाल बहुत हैं, और जवाब वक्त के खाते में...
बांग्लादेशी अखबार के मुताबिक बिलावल और हिना के बीच रिश्ते की जानकारी जरदारी को बिलावल के जन्मदिन 21 सितंबर 2011 को हुई। उस दिन हिना ने बिलावल को गुलदस्ता भेजा। साथ में एक कार्ड था, जिस पर लिखा था- हमारे रिश्ते की बुनियाद दिल की गहराइयों में है और बहुत जल्द हम एक हो जाएंगे। जरदारी इस रिश्ते के खिलाफ हैं और उन्हें लगता है कि इससे बिलावल का राजनीतिक कैरियर चौपट हो जाएगा।
(30 सितंबर को जनवाणी के रविवारीय परिशिष्ट रविवाणी में प्रकाशित)

2 comments:

सारंग उपाध्‍याय said...

राजनीतिक जमीन पर पनपने वाले इश्क का यह पहला मामला है। पूरी दुनिया में इसके पहले भी ऐसे किस्सों का अंतहीन सिलसिला रहा है....ye ishq nahi aasan..

Amar Sinha said...

इस इश्क में असली रंग इश्क का नहीं है, वर्ना एक और चांद-मोहम्मद की प्रेम कहानी सुनने को मिलती। ये दोनों राजनीति के मारे हैं। इनमें अपने इश्क को परवान चढ़ाने की हिम्मत नहीं है।
बहरहाल, आपको दाद देनी चाहिए, जिसने स्टोरी के हर पहलू पर पारखी नजर डाली। आपकी भाषा-शैली बिलकुल आम जबान में होने के साथ-साथ एक तेवर, एक खास मिजाज लिए हुए है। जो मन को भाती है। विषयों में विविधता होने के बावजूद बहुत अपनेपन का अहसास लिए हुए है।
अमर सिन्हा, भोपाल