22—23 फरवरी को छतरपुर में होगा इप्टा मध्य प्रदेश का नौवां राज्य सम्मेलन

देश और प्रदेश के कई ख्यात रंगकर्मी, लेखक, कलाकार और संस्कृति कर्मी करेंगे भागीदारी

वैचारिक मंथन के साथ नुक्कड़ नाटक, कविता पोस्टर, चित्र प्रदर्शनी, जनगीत, लोक नृत्य और कई नाटकों का होगा मंचन

भोपाल, 16 फरवरी। भारतीय जन नाट्य संघ (इप्टा) का नौवां राज्य सम्मेलन छतरपुर में 22 और 23 फरवरी को होगा। इस दो दिवसीय आयोजन में देश और प्रदेश के कई ख्यात रंगकर्मी, लेखक, कलाकार और संस्कृतिकर्मी हिस्सेदारी करेंगे। यह जानकारी देते हुए मध्य प्रदेश इप्टा के अध्यक्ष और कवि हरिओम राजोरिया ने बताया कि इस आयोजन में मध्य प्रदेश में काम कर रहीं इप्टा की इकाइयों से जुड़े प्रतनिधि भी भागीदारी करेंगे। इस दौरान चार सत्रों में देश के मौजूदा हालात और संस्कृति पर बातचीत की जाएगी। साथ ही मध्य प्रदेश इप्टा की विभिन्न ईकाइयों की ओर से नाट्य प्रस्तुति दी जाएगी। इप्टा मध्य प्रदेश के महासचिव शिवेंद्र शुक्ला ने बताया कि इस आयोजन के दौरान कविता एवं पोस्टर प्रदर्शनी लगाई जाएगी और इप्टा के साथी शहर के विभिन्न हिस्सों में दो दिन तक नुक्कड़ नाटकों का भी प्रदर्शन करेंगे। 

इस आयोजन में मध्य प्रदेश के इप्टा से जुड़े रंगकर्मियों के अलावा इप्टा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रणवीर सिंह (जयपुर), इप्टा के राष्ट्रीय महासचिव राकेश (लखनऊ), वरिष्ठ रंगकर्मी वेदा राकेश (लखनऊ), जनसंगीत की विदुषी एवं सांस्कृतिक कार्यकर्ता सुमंगला दामोदरन (नई दिल्ली), फिल्म निर्देशक और संस्कृतिकर्मी राजीव गोहिल (भोपाल), वरिष्ठ कवि कुमार अंबुज, (भोपाल), प्रगतिशील लेखक संघ के राष्ट्रीय सचिव मंडल के सदस्य विनीत तिवारी (इंदौर), वरिष्ठ रंगकर्मी ऊषा आठले (रायगढ़), मध्य प्रदेश प्रगतिशील लेखक संघ के महासचिव शैलेन्द्र शैली (भोपाल) के साथ रंगकर्मी राजेश (भिलाई), अनिल रंजन भौमिक (इलाहाबाद), फिरोज़ अशरफ (पटना), ईश्वर सिंह दोस्त (भोपाल), इन्द्र भूषण रमण 'बमबम', रजनीश साहिल (दिल्ली) आदि शिरकत करेंगे।

संस्कृतिकर्म की चुनौतियों और जरूरत पर होगी चर्चा
इप्टा के राज्य सम्मेलन में 22 फरवरी को "आज के परिदृश्य में संस्कृतिकर्मियों की चुनौतियां और ज़रूरत" विषय पर वैचारिक सत्र होगा। इसमें विषय प्रवर्तन वरिष्ठ रंगकर्मी एवं लेखिका ऊषा आठले करेंगी और प्रमुख वक्ता सुमंगला दामोदरन होंगी। इस सत्र की अध्यक्षता इप्टा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हिमांशु राय करेंगे और संचालन इप्टा मध्य प्रदेश की सचिव मंडल सदस्य सारिका करेंगी। 
इसके अलावा मौजूदा समय में "क्या हों जनसंवाद की शैलियां" विषय पर 23 फरवरी को विचार सत्र होगा। इसमें विषय प्रवर्तन पत्रकार सचिन श्रीवास्तव करेंगे और मुख्यवक्ता फिल्म निर्देशक एवं संस्कृतिकर्मी राजीव गोहिल होंगे। सत्र की अध्यक्षता इप्टा के महासचिव राकेश और संचालन रंगकर्मी सत्यम श्रीवास्तव करेंगे। इसी कड़ी में "विश्व सिनेमा और जनशिक्षण" विषय पर वरिष्ठ कवि कुमार अम्बुज अपनी बात रखेंगे। इस सत्र के अंत में एक "लघु फिल्म" का प्रदर्शन भी होगा।

रैली, कविता पोस्ट, चित्र प्रदर्शनी और नुक्कड़ नाटक भी होंगे
इस दो दिवसीय आयोजन के पहले दिन 22 फरवरी को दोपहर 3 बजे से शहर में एक रैली निकाली जाएगी। इसमें सम्मेलन में आए सभी रंगकर्मी जनगीत भी गाएंगे। आयोजन स्थल पर संस्कृतिकर्मी अशोक दुबे (इंदौर ), पंकज दीक्षित (अशोक नगर) और मुकेश बिजौले (उज्जैन) के पोस्टर और चित्रों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी। सम्मेलन के दरम्यान इप्टा मध्य प्रदेश की ईकाइयों द्वारा शहर के विभिन्न चौराहों पर नुक्कड़ नाटकों और जनगीतों की प्रस्तुतियां की जाएंगी।

शाम को होंगे नृत्य, जनगीत और नाटक
सम्मेलन के दौरान बुंदेली लोक नृत्य, जनगीत और विभिन्न नाटकों का भी मंचन होगा। इनमें मानव कौल के नाटक "पार्क" का मंचन 22 फरवरी को होगा। इस नाटक को प्रमोद पाराशर के निर्देशन में ग्वालियर के समर्पण थियेटर आर्ट्स ने तैयार किया है। इसके अलावा पाहुना लोक जन समिति टीकमगढ़ की ओर से संदीप श्रीवास्तव के संयोजन में एक "कविता कोलाज" का मंचन होगा।इसके निर्देशक अंकित मिश्रा (रीवा) हैं।
इसी तरह 23 फरवरी को इप्टा अशोकनगर की ओर से नाटक "सोहो में मार्क्स" की प्रस्तुति होगी।हावर्ड जिन द्वारा लिखित इस नाटक का निर्देशन युवा रंगकर्मी कबीर राजोरिया ने किया है। इसे अनुपम तिवारी ने अभिनीत करेंगे। इसी क्रम में इलाहाबाद के रंगकर्मी अनिल रंजन भौमिक के निर्देशन में भीष्म साहनी के नाटक "लीला नंदलाल की" का मंचन होगा। निर्देशक सचिन वर्मा की ओर से पंकज सोनी द्वारा लिखित नाटक "तितली" का मंचन किया जाएगा। 

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