March 27, 2017

हरित अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ रही दुनिया

0 comments
सचिन श्रीवास्तव
हाल ही में भारत की सौर ऊर्जा क्षमताओं में बढ़ोतरी की सराहना करते हुए संयुक्त राष्ट्र के प्रमुख एंटोनियो गुटरर्स ने कहा था कि दुनिया ग्रीन इकॉनोमी यानी हरित अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ रही है। एक ऐसे समय में जब जलवायु परिवर्तन दुनिया के सामने बड़ा खतरा है, विकास की यह नई राह तसल्ली ओर उम्मीद देती है। बढ़ती आबादी, जलवायु परिवर्तन और बढ़ते प्रदूषण के कारण अब वक्त आ गया है कि दुनिया ग्रीन इकॉनोमी में पैसा लगाए। यानी ऐसे ईंधन का इंतजाम जो धरती की सेहत के लिए खतरा न बने।

130 देश ग्रीन इकॉनोमी पर हो चुके हैं सैद्धांतिक तौर पर सहमत
13 ट्रिलियन डॉलर (884 लाख अरब रुपए) की रकम हर साल वैश्विक अर्थव्यवस्था में लगाई जाए तो कॉर्बन उत्सर्जन कम हो सकेगा
80 लाख से ज्यादा रोजगार दे रहा है रीन्यूएबल एनर्जी सेक्टर
700 मेगावॉट की सौर और पवन ऊर्जा इकाई लगाने की घोषणा की है इस साल सऊदी अरब ने
02 गुना हो जाएगी 2017 में भारत की सौर ऊर्जा क्षमता
18 गीगावॉट तक सौर ऊर्जा उत्पादन होने लगेगा भारत में इस साल के अंत तक
50 प्रतिशत अक्षय ऊर्जा से संबंधित हैं दुनिया भर की नई बिजली उत्पादन योजनाएं
90 प्रतिशत हिस्सेदारी है यूरोप में ऐसी योजनाओं की

दुनियाभर में नए बिजली उत्पादन के उपायों में आधे स्रोत अक्षय ऊर्जा

सार्वजनिक उपक्रम : बीएसएनएल और एयर इंडिया सबसे खराब प्रदर्शन करने वाली सरकारी कंपनियां

0 comments
सचिन श्रीवास्तव
सरकारी सर्वे के मुताबिक कोल इंडिया, ओएनजीसी और इंडियन ऑयल कार्पोरेशन बेहतरीन प्रदर्शन करने वाली सार्वजनिक कंपनियां हैं। वहीं सेल, बीएसएनएल और एयर इंडिया का प्रदर्शन सबसे खराब रहा है।

51.65 प्रतिशत की हिस्सेदारी है शीर्ष 10 कंपनियों के घाटे में सेल, बीएसएनएल और एयर इंडिया की
63.46 प्रतिशत लाभ अर्जित किया है शीर्ष 10 कंपनियों ने

10 घाटे वाली कंपनियों में ओएनजीसी विदेश, राष्ट्रीय इस्पात निगम, पीईसी और भेल भी शामिल

3 फायदे वाले उपक्रम
कंपनी         लाभ का प्रतिशत
कोल इंडिया    17.82
ओएनजीसी        17.45
इंडियन ऑयल    11.34

पानी की उपलब्धता और गुणवत्ता पर टिका देश का भविष्य

0 comments
सचिन श्रीवास्तव
केंद्र सरकार की रिपोर्ट:
अ 21स्ट सेंचुरी इंस्टीट्यूशनल आर्किटेक्चर फॉर इंडियाज वाटर रिफॉम्र्स

2030 तक पीने के पानी का आधा हिस्सा खर्च हो जाएगा,

March 25, 2017

समस्या की आहट: शहरों में फैल रही गरीबी

0 comments
सचिन श्रीवास्तव
अब तक माना जाता था कि गरीबी गांवों की समस्या है और शहरीकरण से इस पर काबू पाया जा सकता है, लेकिन हाल ही में आई रिपोट्र्स ने इस पारंपरिक सोच को सिरे से खारिज किया है। इसी सप्ताह आई ग्लोबल फूड पॉलिसी रिपोर्ट भी बताती है कि आने वाले दिनों में गरीबी पूरी तरह से शहरों की समस्या रह जाएगी। इसकी बड़ी वजह रोजगार के लिए शहरों की ओर हो रहा पलायन है। पलायन के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में गरीबों की संख्या कम हो रही हैं,

26681 करोड़ रुपए का मांस निर्यात हुआ पिछले साल देश से

0 comments
सचिन श्रीवास्तव
स्लाटर हाउस पर पाबंदी


13.14 लाख मीट्रिक टन भैंसे का मांस किया गया निर्यात पिछले साल देश से
72 वैध बूचडख़ाने हैं देश में कुल
38 लाइसैंसी बूचडख़ाने उत्तर प्रदेश में हैं इनमें से
11 हजार 350 करोड़ रुपए का राजस्व हासिल होता है उत्तर प्रदेश को मांस निर्यात से हर साल

उत्तर प्रदेश में मांस उत्पादन
7515 लाख किलो    भैंसे
1171 लाख किलो    बकरा
231 लाख किलो    भेड़
1410 किलो    सुअर

3 प्रमुख मांस उत्पादक राज्य
19.1 प्रतिशत    उत्तर प्रदेश
15.2 प्रतिशत    आंध्र प्रदेश
10.9 प्रतिशत    पश्चिम बंगाल

ऑनलाइन शॉपिंग में फैशन और लाइफस्टाइल की बादशाहत

0 comments
सचिन श्रीवास्तव
फैशन फारवर्ड 2020

बीसीजी की फैशन फारवर्ड 2020 रिपोर्ट के मुताबिक, देश के ऑनलाइन बाजार में सबसे बड़ी हिस्सेदारी फैशन और लाइफ स्टाइल से जुड़े उत्पादों की है।

4500 अरब रुपए का है देश का फैशन बाजार
550 अरब रुपए की हिस्सेदारी है ऑनलाइन फैशन बाजार की
4 गुना बढऩे की संभावना है 2020 तक ऑनलाइन फैशन बाजार की

4जी दे रहा देश के इंटरनेट को रफ्तार

0 comments
सचिन श्रीवास्तव
देश में इंटरनेट डेटा ट्रैफिक की बढ़ोतरी में बीते साल सबसे ज्यादा योगदान 4जी का रहा है।

मोबाइल ब्रॉडबैंड इंडेक्स
60 प्रतिशत
रही डेटा वृद्धि में 4जी की हिस्सेदारी

शहरों में दोगुना हिस्सा

March 24, 2017

घट रहे सिनेमा के दर्शक

0 comments
सचिन श्रीवास्तव
100 करोड़ के क्लब में फिल्मों की बढ़ती संख्या और कमाई के टूटते रिकॉर्ड के बीच एक तल्ख सच्चाई यह है कि देश में सिनेमा उद्योग की वृद्धि दर धीमी हुई है। इसकी बड़ी वजह यह है कि फिल्म देखने सिनेमा हाल जाने वाले लोगों की संख्या में गिरावट आ रही है। इसकी वजहों में मनोरंजन के अन्य साधन, महंगे टिकट, टीवी पर फिल्में, अच्छी फिल्मों की कमी जैसे कई कारण शामिल हैं। इन कारणों से बीते कुछ दशकों में फिल्मों से कमाई तो बढ़ी है, लेकिन दर्शक घटे हैं। दिलचस्प यह है कि इसी अनुपात में देश में वीडियो के अन्य विकल्पों में दर्शकों की हिस्सेदारी बढ़ रही है। द फेडरेशन ऑफ इंडियान चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) ने दर्शकों के व्यवहार और इंडस्ट्री के मौजूदा हालात पर एक विस्तृत रिपोर्ट जारी की है।

9.1 प्रतिशत की वृद्धि दर दर्ज की गई साल 2016 के दौरान मनोरंजन उद्योग में
14 प्रतिशत वृद्धि दर की उम्मीद है 2017-21 के दौरान देश के ग्रामीण दर्शकों की हिस्सेदारी में
70 प्रतिशत कमाई होती है देश में टिकट बिक्री से
08 प्रतिशत कमाई विदेशों में फिल्म प्रदर्शन से होती है इंडस्ट्री को

एड्स जागरुकता : एचआईवी जानकारी के मामले में महिलाओं से आगे हैं पुरुष

1 comments
सचिन श्रीवास्तव
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, एचआईवी/एड्स की व्यापक जानकारी के मामले में महिलाओं की तुलना में पुरुष आगे हैं, लेकिन यह भी सच है कि पुुरुष ही इस बीमारी की चपेट में ज्यादा हैं।

31 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में किया गया सर्वे
21 प्रतिशत महिलाओं को ही है देश में एड्स के बारे में पूरी जानकारी
32 प्रतिशत पुरुष एड्स के मामले में रखते हैं पूरी जानकारी
04 क्षेत्रों तमिलनाडु, दिल्ली, पुडुचेरी और दमन एवं दीव में महिलाएं ज्यादा जागरुक पुरुषों के मुकाबले
49 प्रतिशत महिलाएं पंजाब में हैं जागरुक। किसी राज्य में सबसे ज्यादा
9.3 प्रतिशत महिलाओं को ही है दादर एवं नगर हवेली में एड्स की जानकारी। किसी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश में सबसे कम।
56 प्रतिशत एड्स पीडि़तों को नहीं मिल पाती जरूरी दवाएं

21 लाख भारतीय हैं एड्स से पीडि़त
12.6
लाख पुरुष (60 प्रतिशत)
8.4 लाख महिलाएं (40 प्रतिशत)

0.26 प्रतिशत है देश में एचआईवी प्रसार की दर
0.30 प्रतिशत पुरुषों में
0.22 प्रतिशत महिलाओं में

अच्छी सर्विस का असर सबसे ज्यादा

0 comments
सचिन श्रीवास्तव
हालिया सर्वे के मुताबिक, भारतीय उपभोक्ताओं के लिए अच्छी सर्विस किसी भी ब्रांड की छवि बनाने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका अदा करती है।


09 देशों भारत, अमरीका, कनाडा, मैक्सिको, ब्रिटेन, इटली, हांग कांग, जापान और सिंगापुर में किया गया सर्वे

सबसे जरूरी
84 प्रतिशत
भारतीय ग्राहक ब्रांड के बारे में राय बनाने में सर्विस को देते हैं सबसे ज्यादा तरजीह
70 प्रतिशत अमरीकी, 59 प्रतिशत ब्रिटिश और 33 प्रतिशत जापानी ही देते हैं अच्छी सर्विस को तवज्जो

64 प्रतिशत भारतीय ग्राहक सोशल मीडिया की खबरों और राय के आधार पर भी बनाते हैं किसी कंपनी पर अपनी राय
63 प्रतिशत भारतीय उस कंपनी के उत्पाद या सर्विस नहीं इस्तेमाल करते जिसे कम रेटिंग मिली हो कस्टरमर सर्विस में