March 9, 2017

वर्चुअल सुरक्षा: खुद को महसूस करते हैं इंटरनेट पर असुरक्षित?

सचिन श्रीवास्तव
आप जब भी इंटरनेट पर जाते हैं, तो क्या आप खुद को असुरक्षित महसूस करते हैं? लगता है कि आपकी हर गतिविधि पर कोई नजर रख रहा है? आपके वर्चुअल कामों की जानकारी कहीं न कहीं स्टोर हो रही है? इंटरनेट धोखाधड़ी, डेबिट क्रेडिट कार्ड के पिन लीक होने और सोशल मीडिया हैकिंग की खबरें इस असुरक्षा बोध को बढ़ा देती है। मौजूदा समय में इंटरनेट हमारी जरूरत है और इस वर्चुअल दुनिया में निजता पर हमला एक सच्चाई। तो ऐसे में हम क्या करें, कि कुछ हद तक सुरक्षित महसूस कर सकें। जाहिर है इंटरनेट सुरक्षा की जब भी बात होती है, तो एक शब्द सावधानी पर जाकर हर सलाह रुक जाती है। आखिर यह सावधानी है क्या? वे कौन से उपाय हैं जो इस सावधानी को हमारे कीबोर्ड और उंगलियों के बीच तय करते हैं....

चार जरूरी सावधानी
1- सुरक्षित ब्राउजर की तलाश

इंटरनेट की गलियों में घूमने-फिरने के लिए हमें पहली दरकार होती है, वेब ब्राउजर की, और यहीं से हम पर नजर रखी जाती है। यानी हमारी गतिविधियों की जानकारी कहीं और पहुंचती है। आम भाषा में इसे इंटरनेट हिस्ट्री या आपने क्या सर्च किया, किस साइट पर गए, जैसी जानकारी लीक होना कहते हैं। हर ब्राउजर की अपनी खूबियां और खामियां हैं। इसलिए तय करें कि आपकी जरूरत क्या है। अगर ओपन सोर्स ब्राउजर का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो इसके अपने खतरे हैं, लेकिन ज्यादा सुरक्षित ब्राउजर स्पीड को धीमा करते हैं।
सख्त हिदायत: कुकीज बंद रखें और गैरजरूरी साइट पर न जाएं।
माई टिप: दो से तीन ब्राउजर का इस्तेमाल करें। अलग-अलग कामों के लिए अलग-अलग ब्राउजर, या एक ही काम को विभिन्न ब्राउजर पर करते रहें। ताकि आपकी पूरी जानकारी किसी एक ब्राउजर पर न रहे।

2- बातचीत कोई और न देख सके
सोशल मीडिया के आने के बाद चैट हम सभी कर रहे हैं। लेकिन ध्यान रखें कि यह चैट कहीं और स्टोर तो नहीं हो रही है। ज्यादातर लोकप्रिय चैटिंग साइट में आप जो भी बातचीत करते हैं, वह कहीं न कहीं दर्ज हो जाती है। हालांकि अब कुछ ऐसे ऑप्शन उपलब्ध हैं, जो आपकी चैट के पुराने हिस्से को हमेशा के लिए डिलीट कर देते हैं। इसलिए जिस फोरम पर चैट कर रहे हैं उसके नियम कायदे अच्छी तरह जांच लें।
सख्त हिदायत: संदिग्ध फोरम पर चैट कतई न करें
माई टिप: जिस भी फोरम पर चैट करें, वहां देख लें कि सिक्योर चैट का ऑप्शन है या नहीं। कई लोकप्रिय चैटिंग एप में यह उपलब्ध है।

3- ईमेल की गोपनीयता को करें सुनिश्चित
आमतौर पर आप जिन लोकप्रिय ईमेल साइट्स का इस्तेमाल करते हैं, उनमें आपकी गोपनीयता का ख्याल नहीं रखा जाता है। दूसरे इंटरनेट यूजर्स भले ही इसे न देख सकें, लेकिन खुद साइट के पास आपकी ईमेल की पूरी जानकारी उपलब्ध होती है, जिसके लीक होने का खतरा हमेशा बरकरार रहता है। ऐसे में जरूरी है कि ईमेल पर की गई बातचीत में अपनी जानकारी को साझा करते हुए सावधान रहें।
सख्त हिदायत: निजी जानकारी और कीमती जानकारी को फ्री में मिलने वाली ईमेल सेवा पर न ही रखें।
माई टिप: आजकल कई ईमेल सर्विस मामूली फीस में 1 जीबी से 5 जीबी तक की ईमेल सेवा दे रही हैं। इसमें जानकारी किसी और को मुहैया न कराने का नियम होता है।

4- ऑपरेटिंग सिस्टम का सुरक्षित होना भी है जरूरी
इंटरनेट सुरक्षा अगर आपकी प्राथमिकता में है, तो अपने डेस्कटॉप, लैपटॉप, टैब या मोबाइल के ऑपरेटिंग सिस्टम पर भी आपको ध्यान देना चाहिए। अपने ऑपरेटिंग सिस्टम के सुरक्षा फीचर्स का ध्यान रखें। प्रचलित ओएस में सुरक्षा का ध्यान रखा जाता है, लेकिन यह लगातार अपडेट भी होते हैं।
सख्त हिदायत: पुराने ऑपरेटिंग सिस्टम का इस्तेमाल कर रहे हैं तो तुरंत सतर्क हो जाएं।
माई टिप: कुछ सिक्योर ऑपरेटिंग सिस्टम यूएसबी ड्राइव और एसडी कार्ड के जरिये संचालित होते हैं। बेहतरीन एन्क्रिप्शन यानी तकनीकी सक्षमता का जरूर ख्याल रखें।

हर रोज पुरानी हो रही है तकनीक
अपना पासवर्ड किसी को न बताना, इसे बदलते रहना, बेहद लंबा और जटिल पासवर्ड बनाना जैसी सावधानियां अपनाते हैं, तो यह अच्छी बात है, लेकिन मौजूदा हालात में बात इससे आगे बढ़ चुकी है। आपके आज के सुरक्षा उपाय कल पुराने पड़ सकते हैं।
नए सर्च इंजिन: लगभग सभी सर्च इंजिन आपकी सर्च के आधार पर विज्ञापन आदि दिखाते हैं, जो आपकी सुरक्षा में सेंध लगा सकते हैं। आजकल कई ऐसे सर्च इंजिन उपलब्ध हैं, जो आपकी हिस्ट्री को सुरक्षित नहीं रखते हैं। इनका इस्तेमाल करें।
बदलाव की तैयारी: इंटरनेट की दुनिया हर समय बदलती रहती है, इसके लिए तैयार रहें। आपने अभी-अभी इंटरनेट की दुनिया में कदम रखा है, या आप ज्यादा समय इंटरनेट पर नहीं बिताते इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। आज आसान निशाना हो सकते हैं, इसलिए सुरक्षा उपायों को हर समय जांचते रहें।

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