हर शब्द का एक इतिहास होता है. कांति कुमार जैन जी से जाना था. कोई शब्द बनने की प्रक्रि…
भरपूर आंख से रिसते आंसू से बनता है भरोसा एक सधे हुए वाक्य के ठोस लगते सच को पढता है भर…
यह कविता मेरे एक प्रिय मित्र के लिए समर्पित है. जिसने अभी अभी प्रेम विवाह किया है. मैं…
हमें मरने की जल्दी नहीं थी हम बेपरवाह थे उम्र से चेहरे पर उगी दाडी ने हमें आश्वस्त किय…
एपी पर फोटो सर्च कर रहा था.. इंडिया वर्ड के साथ. तीन पेज खुले और आखिरी पेज पर सबसे आखि…
यह खबर जब मुझे मिली तब तक "मस्तराम" को यह दुनिया छोडे हुए तीन दिन हो चुके थे…
पिछले दिनों भोपाल में था मैं. कुछ पारिवारिक दिक्कतों से फारिग होकर माखनलाल यूनिवर्सिटी…
आज पूरे दिन ब्लॉगवाणी पर भडास दिखाई नहीं दिया. क्या इस बहुचर्चित ब्लॉग को बैन कर दिया …
कभी कभी बाज़ार में यूँ भी हो जाता है क़ीमत ठीक थी, जेब में इतने दाम नहीं थे …
पिछले दिन मोहल्ला और भडास पर जो विवाद चल रहा है. उसमें कई बार मठाधीशी का जिक्र आया है.…
साहित्य
देश और प्रदेश के कई ख्यात रंगकर्मी, लेखक, कलाकार और संस्कृति कर्मी करेंगे भागीदारी …
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