हर कालखंड को चौंकाता रहा अपने समय का हरफनमौला रचनाकार
बाबरी विवाद: एक ही आंख से देखता मीडिया और झूठ की छपाई
एक मर चुके दोस्त के लिए
आजादी के लाइव शोर के बीच एक खतरनाक चुप्पी
पढऩे की उदासीनता और लिखने से दूरी के बीच पत्रकारिता
इस लक को क्या नाम दूं?
लेखक समाज में भी कम नहीं हैं अविवेकी